यह मेरा देश है
मेरे ही देश में
मेरे ही देश पर
अमरबेल की तरह चढ़ता हुआ
बुलंदियों तक बढ़ता हुआ
उनका भी एक देश है ।
...मेरा देश शताब्दियों के अँधेरे में
नींव-सा खड़ा है
उनका देश युगों से
दिव्य आध्यात्मिक ऊंचाइयों पर
गुम्बद-सा जड़ा है !
राजेश चन्द्र
मेरे ही देश में
मेरे ही देश पर
अमरबेल की तरह चढ़ता हुआ
बुलंदियों तक बढ़ता हुआ
उनका भी एक देश है ।
...मेरा देश शताब्दियों के अँधेरे में
नींव-सा खड़ा है
उनका देश युगों से
दिव्य आध्यात्मिक ऊंचाइयों पर
गुम्बद-सा जड़ा है !
राजेश चन्द्र
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